केंद्रीय पारेषण यूटिलिटी (सीटीयू)

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देश में पावरग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड, "केंद्रीय पारेषण यूटिलिटी (सीटीयू)"), जो विद्युत मंत्रालय के अधीन प्रचालन कर रही ‘नवरत्न’ कंपनी है, का कार्य अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली (आईएसटीएस) की आयोजना, कार्यान्वयन, प्रचालन तथा रख-रखाव के उत्तरदायित्व सहित विद्युत पारेषण व्यवसाय करना है। पावरग्रिड सूचीबद्ध कंपनी है जिसमें 56.34 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार का है तथा शेष हिस्से में संस्थागत निवेशकों एवं जनसाधारण की भागीदारी है।

विभिन्न स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों (आईपीपी) मुख्यतः संसाधन बहुल तथा तटीय क्षेत्रों जैसे छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, सिक्किम, झारखंड, तमिलनाडु तथा आंध्र प्रदेश में आने वाले उत्पादकों की थोक विद्युत निकासी की आवश्यकता पूरा करने के लिए उच्च क्षमता वाले विद्युत पारेषण कॉरीडोर (एचसीपीटीसी) कार्यान्वित किए गए हैं। इन कॉरीडोरों का कार्यान्वयन उत्पादन परियोजनाओं के अनुकूल चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया है।

वित्तीय संस्थानों के साथ कंपनी की उत्कृष्ट क्रेडिट रेटिंग है जिस कारण यह संसाधन जुटाने के मामले में एक सुविधाजनक स्थिति में है। पावरग्रिड ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर के आईएसटीएस के भाग के कार्यान्वयन के माध्यम से देश भर में नवीकरणीय उत्पादन के ग्रिड इंटरकनेक्शन को सुविधाजनक बनाने में भी प्रमुख भूमिका निभाता है।

देश में पारेषण नेटवर्क के विकास पर विचार करने के लिए मार्गाधिकार (आरओडब्ल्यू) को सुरक्षित करना, प्राकृतिक संसाधनों के प्रभाव को कम करना, लागत प्रभावी पारेषण कॉरीडोर का समन्वित विकास, विद्युत अंतरण आवश्यकता के अनुकूल लाइनों की अंतरण क्षमता के उन्नयन में लचीलापन लाना चिंता के प्रमुख क्षेत्र हैं। इस दिशा में, कंपनी +800 केवी एचवीडीसी एवं 1200 केवी यूएचवीएसी के उच्च पारेषण वोल्टेज पर कार्य कर रहा है। पावरग्रिड अपने राजस्व को मजबूत बनाने तथा अपने पणधारकों के लिए मूल्य बढ़ाने के लिए अपने देश भर में फैली हुई पारेषण अवसंरचना का लाभ लेकर टेलीकॉम व्यवसाय का विविधीकरण किया है। कंपनी सभी महानगरों, बड़े शहरों तथा नगरों को आधारभूत कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रहा है जिसमें जम्मू एवं कश्मीर तथा पूर्वोत्तर राज्य इत्यादि शामिल हैं।

देश में 250,000 ग्राम पंचायतों (जीपी) को आपस में जोड़ने के भारत सरकार के भाग के रूप में पावरग्रिड भारत नेट प्रोजेक्ट हेतु कार्यान्वयन एजेंसियों में से एक कार्यान्वयन एजेंसी है तथा इसे राज्यों अर्थात आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, झारखंड तथा ओडिशा में नेशनल ऑप्टीकरण फाइबर नेटवर्क के विकास एवं रख-रखाव का कार्य सौंपा गया है।

इसके अतिरिक्त, पावरग्रिड देश में भारत सरकार की ओर से दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) तथा एकीकृत विद्युत विकास स्कीम (आईपीडीएस) कार्य करके वितरण सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

पावरग्रिड विभिन्न राष्ट्रीय ग्राहकों तथा अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों जिनमें कई दक्षिण एशियाई, अफ्रीकी तथा मिडिल ईस्ट देश शामिल हैं, को परामर्शी सेवाएं प्रदान कर रहा है।पावरग्रिड नवीकरणीय उत्पादन एकीकरण तथा प्रचालन के लिए प्रतिष्ठित तथा अत्याधुनिक नवीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन केंद्र (आरईएमसी) का कार्यान्वयन कर रहा है जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा पूर्वानुमान लगाने से लेकर संतुलन तथा उत्पादन समय-सीमा जैसे कार्य शामिल रहेंगे। स्मार्ट पारेषण में, पावरग्रिड देश भर में सभी क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर पीएमयू (फेजर मेजरमेंट यूनिट) की संस्थापना के माध्यम से अपने वाइड एरिया मेजरमेंट सिस्टम (डब्ल्यूएएमएस) में सिंक्रोफेजर तकनीक कार्यान्वित कर रहा जिससे ग्रिड की मजबूती, कंपन, एंगल/वोल्टेज अस्थिरता, सिस्टम, मार्जिन तथा निर्णय सहायक संसाधनों जैसे ग्रिड घटनाओं की बेहतर दृश्यता तथा संवेदनशीलता सुगम बनेगी। पावरग्रिड स्मार्ट ग्रिड से संबंधित सरकार के कार्यकलापों के लिए प्रख्यात “इंडिया स्मार्ट ग्रिड टास्क फोर्स” में “नोडल प्वायंट” के रूप में भी कार्य करता है।