राष्ट्री य ग्रिड का सृजन

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विद्युत क्षेत्र में घटनाक्रम राष्‍ट्रीय पावर ग्रिड के प्राथमिकता आधार पर संवर्धित कार्यान्‍वयन की जरूरत पर जोर देते हैं ताकि विद्युत का अनुसूचीबद्ध/गैर-अनुसूचीबद्ध आदान-प्रदान किया जा सके और विद्युत बाजार में प्रतिस्‍पर्धा को प्रोत्‍साहित करने के लिए खुली पहुंच उपलब्‍ध की जा सके ।

उपर्युक्‍त को ध्‍यान में रखते हुए सभी पांचों क्षेत्रीय ग्रिडों को आपस में जोड़ते हुए राष्‍ट्रव्‍यापी सिंक्रोनस पावरग्रिड की स्‍थापना 31 दिसंबर, 2013 को 765 के.वी.  एस/सी रायचूर-शोलापुर लाइन की शुरूआत के साथ की गई है । पावरग्रिड ऊर्जा संसाधनों के असामान्‍य वितरण का ईष्‍टतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए राष्‍ट्रीय ग्रिड की क्षमता का संवर्धन करने हेतु समयबद्ध ढंग से अंतर-राज्‍यीय और अंतरक्षेत्रीय संपर्कों की स्‍थापना हेतु अपने पारेषण नेटवर्क को सुदृढ़ कर रही है । 31 दिसंबर, 2014 की स्थिति के अनुसार लगभग 46,450 मे.वा. की अंतर क्षेत्रीय विद्युत अंतरण क्षमता के साथ राष्‍ट्रीय ग्रिड की स्‍थापना की गई है । 12वीं योजना के अंत तक (2016-17) अंतर क्षेत्रीय विद्युत अंतरण क्षमता में लगभग 72,250 मे.वा. की वृद्धि होने की परिकल्‍पना की गई है ।